एनसीबी का फुल फॉर्म -NCB Full Form in Hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सब, आज के आर्टिकल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है, इस आर्टिकल में हम जानेंगे की NCB क्या है? और NCB का फुल फॉर्म क्या है, NCB full form in hindi देखने के लिए आर्टिकल को आखिर तक जरूर देखिए।

दोस्तों अगर आप हमारी वेबसाइट पर NCB का फुल फॉर्म देखने के लिए आए हैं, तो यहां पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है, यहां मैं आपको एमसीबी के बारे में पूरी डिटेल जानकारी दूंगा, और आपको बताऊंगा कि यह संस्था कब स्थापित की गई थी और इसके फायदे क्या है।

NCB के बारे में पूरी जानकारी देखने के लिए आर्टिकल को आखिर तक जरूर देखिए, आइए दोस्तों आर्टिकल को शुरू करते हैं, और सबसे पहले NCB ki full form देख लेते हैं।

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NCB full form in Hindi

दोस्तों NCB की फुल फॉर्मनारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो” (Narcotics Control Bureau) है यह एक भारतीय ब्यूरो है जोकि नसे और मादक पदार्थों पर बनाए गए सरकार के कानूनों को सख्ती से लागू करवाता है नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एक खुफिया एजेंसी है जो भारत में कार्यरत है।

N – Narcotics

C – Control

B – Bureau

NCB का फुल फॉर्म वीडियो में जाने –

NCB क्या है?

Narcotics control bureau एक स्वतंत्र संस्था भी है और सीबीआई के अंडर भी आती है, सीबीआई जो कि प्रधानमंत्री की पुलिस कही जाती है, उसका एक हिस्सा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया भी है।

दोस्तों आपने आए दिन अखबारों में देखा होगा कि किस तरह से बॉलीवुड स्टार्स को कोकीन, चरस और गांजा के साथ पकड़ लिया जाता है, इन्हें पकड़ने का काम नारकोटिक्स विभाग के लोग ही करते हैं, यह खुफिया एजेंसी होती है जो पूरे देश में कार्यरत है और किसी पर शक होने मात्र से उसके आवास पर जाकर छापा मार सकती है, और तलाशी ले सकती है।

भारत में कुछ प्रकार के मादक पदार्थ बैन है और कई इल्लीगल काम करने वाले लोग इन पदार्थों का सेवन करते हैं और व्यापार करते हैं ऐसे लोगों पर पाबंदी बनाने के लिए नारकोटिक्स विभाग दिन-रात देश में खुफिया रूप से कार्यरत रहता है।

देश में कुछ पदार्थों का सेवन करने की छूट है जैसे कि शराब पी सकते हैं, लेकिन इसके लिए सरकार शराब बेचने वालों को लाइसेंस देती है, हर कोई शराब बेचकर या बनाकर लोगों तक शराब नहीं पहुंचा सकता, और अगर कोई ऐसा काम करते पकड़ा जाता है तो उसे लंबी जेल की सजा हो सकती है।

इसी प्रकार से बहुत सारे मेडिकल नशे भी मार्केट में प्रचलित है जिनको लेकर नारकोटिक्स विभाग बहुत सख्त है।

आज के समय में युवाओं में खासकर नशा बहुत बढ़ता जा रहा है, लोग जवानी में ही शराब पीना शुरू कर देते हैं, शराब पीना तक तो फिर भी चल जाता है, लेकिन आपने देखा होगा कि किस तरह से अखबारों में आए दिन खबर आती है कि लोग चरस गांजा और कोकीन हीरोइन के साथ पकड़े जाते हैं, इस प्रकार के नशे काफी महंगे आते हैं जो व्यक्ति को हालात से भी कंगाल बना देते हैं और दिमाग से भी।

इसलिए इन पर शिकंजा कसना बहुत जरूरी हो जाता है इसलिए सरकार ने नारकोटिक्स विभाग की स्थापना की थी।

NCB की स्थापना कब हुई?

एनसीपी की स्थापना मार्च 1986 में भारतीय संविधान के नारकोटिक्स एंड साइकॉट्रॉपिक्स सब्सटेंस एक्ट 1985 4(3) के तहत गठित किया गया।

दोस्तों शुरुआत में NCB का काम काफी लिमिटेड रखा गया था लेकिन अब NCB पूरे देश में कार्यरत है और जोरों शोरों से काम कर रही है आए दिन नए-नए लोग गलत धंधों में पकड़े जाते हैं और NCB द्वारा उन्हें जेल का रास्ता दिखाया जाता है।

भारत में NCB का मुख्यालय कहां है?

Narcotics control bureau of India की मेन ब्रांच नई दिल्ली भारत में स्थित है लेकिन कई शहरों में इस के छोटे-छोटे ऑफिस भी है जैसे कोलकाता, बेंगलुरु, चंडीगढ़ आदि शहरों में भी नारकोटिक्स विभाग के ब्रांचेज है।

NCB के मुख्य कार्य

दोस्तों भारत में NCB एक बहुत ही प्रमुख विभाग है और इसके निम्नलिखित कार्य है।

  • इसका सबसे पहला काम खुफिया जानकारी कट्ठा करना और उसके बेसिस पर काम करना है।
  • मादक पदार्थ की अवैध तस्करी को रोकना और नशे को समाप्त करना इनका मुख्य उद्देश्य और कार्य है।
  • राज्यों में बनाए जा रहे ड्रग्स के लिए नए नियमों में साझेदारी करना भी इनका काम होता है।
  • राष्ट्रीय औषधि प्रवर्तन सांख्यिकी को तैयार करना भी इनका काम होता है।
  • इसी फील्ड में काम कर रही अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलजुल कर काम करना होता है और उनकी मदद करनी और उनसे मदद लेना भी इनका काम होता है।
  • इनका मुख्य काम में सरकार ड्रग्स को लेकर जो भी कानून बनाती है उस कानून को एक्चुअली ग्राउंड लेवल पर लागू करना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का काम होता है।

NCB के फायदे और नुकसान

जिस तरह से एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, उसी प्रकार से NCB के फायदों के साथ-साथ कुछ नुकसान भी है, हम एक-एक करके NCB के सभी फायदे और नुकसान के बारे में चर्चा करेंगे आइए देख लेते हैं।

NCB के फायदे

  • नशे की तस्करी में लगाम लगती है।
  • यह संस्था देश के बाहर भी काम कर सकती है इसलिए बाहर देशों से होने वाले नशे तस्करी के कामों को भी आसानी से रोक सकती है।
  • यह खुफिया एजेंसी है, जिसके तार देश के कोने कोने तक जुड़े हुए हैं, और इस एजेंसी में लाखों लोग कार्यरत हैं और दिन रात नशे के खिलाफ लड़ रहे हैं।
  • NCB भारत की एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका अपराधियों में सबसे ज्यादा खौफ है क्योंकि यह संस्था बहुत ही चुपके से और खूफिया तरीके से जानकारियां निकलती है, यहां पर साइबर एक्सपर्ट से की टीम से मदद लेकर अपराधियों की लोकेशन तक ढूंढ कर पकड़ा जा सकता है।
  • इस संस्था को लेकर युवाओं में काफी जोश है, और बहुत से लोग नारकोटिक्स के अफसरों से प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि इनका काम काफी दबंग तरीके से होता है और आए दिन यूट्यूब सोशल मीडिया पर इनकी वीडियोस आती रहती है, जिससे युवा नशे के खिलाफ जागृत होते हैं।

NCB के नुकसान

  • इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि कई मामलों में ऐसा देखने को मिला है कि NCB के अफसर रिश्वत लेकर जा अपने ऊपरी अवसरों के आर्डर पर कई मासूम लोगों पर भी नशे का कारोबार करने का इल्जाम लगा देते हैं।
  • यह ऐसा कर भी सकते हैं क्योंकि भारतीय संविधान इन्हें इस चीज की छूट देता है यहां तक की बड़े-बड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आईएएस आईपीएस जैसे लोग नारकोटिक्स विभाग को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं क्योंकि यह अपने आर्डर पर किसी भी व्यक्ति को बर्बाद कर सकते हैं, नारकोटिक्स विभाग अपने पास से नशा लेकर उस व्यक्ति के पास जाएगा और झूठा इल्जाम लगाकर वीडियो बना सकता है और ऐसे मामलों में व्यक्ति की एक भी नहीं सुनी जाएगी।
  • देश में नारकोटिक्स विभाग द्वारा कई मासूम लोगों को पीट-पीटकर हत्या कर देने के मामले भी कई बार सामने आए हैं, यह नारकोटिक्स विभाग की दबंगई दिखाता है जो कि एक सरकारी संस्था के लिए ऐसा करना बिल्कुल ना-गवार होता है।
  • कई बार नारकोटिक्स विभाग पर रिश्वत लेने के मामले भी सामने आए हैं, और बहुत से अफसर सस्पेंड भी हो चुके हैं, यह एक आदर्श देश के लिए सही बात नहीं होती।

FAQs:

एनसीबी अधिकारी कैसे बनें?

NCB अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार को UPSC या फिर SSC CGL जैसे Exam में क्वालीफाई करना होता है। सिर्फ इतना ही नहीं उम्मीदवार को law enforcement से जुड़े राज्य सेवा में 5 साल का कार्य अनुभव होना भी जरुरी है तब जाके कोई NCB अधिकारी बान सकता है।

NCB का मुख्यालय भारत में कहा है?

भारत के नई दिल्ली में एनसीबी का मुख्यालय है।

NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) कब बना

साल 1986 को सरकारी विभाग एनसीबी को बनाया गया था?

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आज हमने क्या सीखा?

दोस्तों देश में नारकोटिक्स जैसी संस्था होनी काफी जरूरी है, क्योंकि एक आदर्श समाज को मादक पदार्थों पर हमेशा रोक लगानी चाहिए, नारकोटिक्स विभाग काफी ग्राउंड लेवल पर काम करता है, इसलिए यह अधिक प्रचलित है, क्योंकि जब भारत के गांव-गांव सुधरेंगे तो स्टेट सुधरेगा और स्टेट सुधरेंगे तो पूरा देश सुधरेगा।

दोस्तों कैसा लगा आपको आज का यह आर्टिकल, आशा करूंगा आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और NCB Ka Full Form क्या है ये भी जानने को मिल गया होगा, और इसे आप अपने करीबी साथियों के साथ जरूर साझा करेंगे, दोस्तों इस आर्टिकल में हमने नारकोटिक्स विभाग के बारे में पूरी जानकारी ली है, और आपको नारकोटिक्स विभाग की 1-1 डिटेल बताई है।

इस आर्टिकल में हमने NCB full form in Hindi देखा और इसके बारे में डिटेल में जानकारी देखी है।

दोस्तों अगर आपको नारकोटिक्स विभाग के बारे में कोई भी और जानकारी लेनी है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं, यदी आप जिस NCB की बात कर रहे थे उस एनसीपी की फुल फॉर्म कुछ अलग है, तो भी आप कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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मेरा नाम परवेज है, में एक फुल टाइम ब्लॉगर हु। मुझे लिखना और पढ़ना पसंद है साथ ही लोगो की मदद करना भी पसंद है। यदि आपको हिंदी में ब्लॉग पड़ना पसंद है तो यह ब्लॉग आपके लिए काफी मजेदार हो सकता है...

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