दुनिया के सभी महासागर के नाम? 2022

आज के इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दुनिया के 5 महासागर के नाम (Mahasagar Ke Naam) के बारे में बताएंगे, कविताओं और कहानियों में आपने महासागर के बारे में जरूर पढ़ा होगा, लेकिन जब बात सामान्य ज्ञान की आती है तो सभी के पंख खड़े हो जाते हैं।

अगर आप Mahasagar / Ocean के बारे में जानने के इच्छुक हैं तो आर्टिकल को अंत तक पढ़िएगा, इस आर्टिकल में हम आपको सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों का जवाब देंगे जैसे कि महासगर क्या है, विश्व में कुल कितने महासागर हैं, महासागर के क्या नाम हैं, विश्व में कितने सागर है, आदि, उम्मीद करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर पसंद आएगा।

अंतरिक्ष से हमारी पृथ्वी का रंग नीला दिखाई देता है, क्योंकि पृथ्वी पर बहुत ही अधिक मात्रा में पानी है, पृथ्वी पर 71% पानी है और 29% जमीन है, मतलब पृथ्वी का दो तिहाई हिस्सा पानी से ढका हुआ है।

आप सोच रहे होंगे कि पृथ्वी पर अगर इतना पानी मौजूद है तो फिर कई स्थानों पर पानी की कमी क्यों देखने को मिलती है, उन स्थानों पर इस जल से पानी की आपूर्ति क्यों नहीं कर सकते? तो इस प्रश्न का उत्तर है वह पानी पीने लायक नहीं है।

धरती पर मौजूद कुल पानी का लगभग 97% भाग तो सागरों और महासागरों में है जो कि पीने लायक नहीं होता है, पृथ्वी पर कुल पानी में से 3% भाग ही पीने लायक है और उसमें से भी 2.4% भाग ग्लेशियर्स, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों में जमा हुआ है।

कहने का तात्पर्य यह है कि धरती पर कुल पानी का 0.6% भाग ही पीने लायक है जो कि नदियों, झीलों और तालाबों में है, सिर्फ इनके अंदर मौजूद पानी को ही दैनिक कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

यही कारण है कि पृथ्वी पर पानी तो बहुत ही अधिक मात्रा में है लेकिन हम उस पानी पानी का प्रयोग नहीं कर सकते हैं, पूरी पृथ्वी को सात महाद्वीपों में बांटा गया है, और उन महाद्वीपों में 7 अरब से भी ज्यादा लोग रहते हैं।

महासागर जलमंडल के बहुत ही महत्वपूर्ण भाग होते हैं, महासागर के नाम जानने से पहले यह जानना बहुत ही जरूरी है कि महासागर किसे कहते हैं?

mahasagar ke name

महासागर क्या है?

महासागर जलमंडल का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है जो पृथ्वी के तीन चौथाई हिस्से को घेरे हुए है, महासागर खारे पानी का विशाल क्षेत्र होते हैं, महासागर के अंदर कुछ छोटे तो कुछ बड़े सागर शामिल होते हैं।

पूरी दुनिया के महासागरों और समुद्रों का कुल क्षेत्रफल लगभग 367 मिलियन वर्ग किलोमीटर है, पृथ्वी पर कुल जितना पानी है उसका लगभग 97% भाग महासागर में ही है।

पृथ्वी पर जल की अधिकता बहुत ही ज्यादा है इसलिए पृथ्वी को जलीय ग्रह (Water Planet) भी कहते हैं, जल की मौजूदगी के कारण ही पृथ्वी पर जीवन का होना संभव हो पाया है।

यह महासागर पृथ्वी के 7 महाद्वीपों को आपस में जोड़ते हैं, पृथ्वी की कुल जनसंख्या 7 अरब से भी ज्यादा है यानी 7 अरब से भी अधिक लोग इन्हीं महाद्वीपों में निवास करते हैं।

कितने महासागर है और सभी महासागर के नाम

आइए अब जानते हैं कि विश्व में कुल कितने महासागर हैं और उनके क्या नाम हैं? तो इस प्रश्न का उत्तर है पृथ्वी पर कुल 5 महासागर हैं और वह अलग अलग महाद्वीपों के अनुसार विशाल सीमाओं में बंटे हुए हैं, उन 5 महासागरों के नाम कुछ इस प्रकार हैं – 

ऊपर बताए गए महासागरों में सबसे बड़ा महासागर प्रशांत महासागर है और सबसे छोटा महासागर आर्कटिक महासागर है।

S.No.महासागरक्षेत्रफल
1.प्रशांत महासागर 168,723,000 km. sq.
2.अटलांटिक महासागर 85,133,000 km. sq.
3.हिंद महासागर 70,560,000 km. sq.
4.अंटार्कटिक महासागर 21,960,000 km. sq.
5.आर्कटिक महासागर 15,558,000 km. sq.

आइए अब इन महासागरों के बारे में विस्तार से जानते हैं :-

प्रशांत महासागर

विश्व का सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर प्रशांत महासागर ही है, यह विश्व के एक तिहाई भाग पर फैला हुआ है, इसका आकार वृत्ताकार है, प्रशांत महासागर की औसत गहराई 4000 मीटर यानी 13000 फीट है।

इसके पूर्व में उत्तरी अमेरिका महाद्वीप और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप है, और इसके पश्चिम में एशिया महाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप है, प्रशांत महासागर को साल 1519 में पुर्तगाली खोजकर्ता Ferdinand Magellan के द्वारा खोजा गया था।

दुनिया का सबसे गहरा बिंदु मेरियाना गर्त (Mariana Trench) पश्चिमी उत्तर प्रशांत में स्थित है, इसकी गहराई 10928 मीटर (35853 फीट) है, यह पानी में पृथ्वी का सबसे गहरा बिंदु है, यह दुनिया की सबसे गहरी प्राकृतिक खाई है।

यह महासागर पृथ्वी की जल सतह का लगभग 46% व पृथ्वी की कुल सतह का लगभग 32% भाग है, प्रशांत महासागर फिलीपींस के तट से लेकर पनामा तक 9,455 मील चौड़ा है, और इसकी लंबाई बेरिंग जलडमरूमध्य से लेकर अंटार्कटिका तक 10,492 मील है।

प्रशांत महासागर को भूमध्य रेखा दो भागों में बांटती है, उत्तरी प्रशांत महासागर और दक्षिणी प्रशांत महासागर, दुनिया में किसी भी महासागर की तुलना में इस महासागर के अंदर सबसे ज्यादा द्वीप हैं जिनकी संख्या 25000 से भी ज्यादा है।

अटलांटिक महासागर 

अटलांटिक महासागर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है, इस महासागर का दूसरा नाम अंध महासागर भी है, इसका आकार प्रशांत महासागर से आधा है और ‘S’ अक्षर की तरह है, यह पृथ्वी के जल सतह का लगभग 29% और पृथ्वी की सतह का लगभग 20% भाग है।

यह महासागर दुनिया का सबसे विशाल महासागर नहीं है फिर भी इसके अंदर दुनिया का सबसे बड़ा जल प्रवाह क्षेत्र है, दुनिया में सबसे ज्यादा व्यापार अटलांटिक महासागर के जरिए ही होता है।

इसके पूर्व में यूरोप और अफ्रीका है, और पश्चिम में उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका है, बाकी समुद्रों की तुलना में इस महासागर की सतह की लवणता बहुत ही ज्यादा है जिसकी अधिकतम मात्रा 3.7% है, यह 20°-30° उत्तरी अक्षांशों के बीच स्थित है।

आपको बता दें कि दुनिया का सबसे बड़ा और मशहूर जहाज टाइटैनिक भी इसी महासागर में डूबा था, दुनिया की सबसे रहस्यमई जगह बरमूडा ट्राएंगल भी इसी महासागर में है।

आर्कटिक महासागर

आर्कटिक महासागर दुनिया का सबसे छोटा महासागर है, इस महासागर का दूसरा नाम उत्तर ध्रुवीय महासागर भी है, यह इकलौता ऐसा महासागर है जो रूस से छोटा है।

यह महासागर पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में स्थित है, यह यूरेशिया, आइसलैंड, उत्तरी अमेरिका (जिसमें ग्रीनलैंड भी शामिल है) आदि की भूमि से घिरा हुआ है।

आर्कटिक महासागर वाले देश हैं रूस, नॉर्वे, ग्रीनलैंड, कनाडा, आइसलैंड व संयुक्त राज्य अमेरिका, यह बाकी महासागरों की तुलना में सबसे ठंडा महासागर है, इसके पूर्व में यूरेशिया और पश्चिम में उत्तरी अमेरिका स्थित है।

अन्य महासागरों की तुलना में इस महासागर की लवणता भी काफी कम है, लगभग पूरे साल यह समुद्री बर्फ से ढका हुआ रहता है, यहां पर आपको ज्यादातर बर्फ के ग्लेशियर्स ही देखने को मिलेंगे, यह महासागर सबसे ठंडा महासागर है।

हिंद महासागर

हिंद महासागर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा महासागर है, इसका आकार ‘M’ अक्षर की तरह है, हिंद महासागर की औसत गहराई 3,741 मीटर है, यह महासागर दुनिया के कुल जल का 20% जल कवर करता है।

हिंद महासागर दुनिया में इकलौता ऐसा महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर रखा गया है, हिंद महासागर का नाम हिंदुस्तान (India) के नाम पर पड़ा है, इसके एक तरफ अटलांटिक महासागर है तो इसके दक्षिण में प्रशांत महासागर है।

इसका सबसे बड़ा द्वीप मेडागास्कर है, हिंद महासागर को एक युवा महासागर के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसने 3.6 करोड़ वर्ष पहले ही अपने वर्तमान रूप को ग्रहण किया है, इसके पूर्व में इंडो-चाइना, ऑस्ट्रेलिया और सुंडा द्वीप है, 

पश्चिम में पूर्वी अफ्रीका है, उत्तर में भारतीय उपमहाद्वीप है और दक्षिण में अंटार्कटिक महासागर स्थित है, भारत की कई बड़ी नदियां जैसे कि गंगा, नर्मदा, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, कृष्णा आदि अंत में हिंद महासागर में ही आकर विलीन होती हैं।

अंटार्कटिक महासागर

अंटार्कटिक महासागर का दूसरा नाम दक्षिण ध्रुवीय महासागर है, क्योंकि यह महासागर पृथ्वी के सबसे दक्षिण में स्थित है, यह महासागर अंटार्कटिका महाद्वीप के चारों तरफ फैला हुआ है, यह इकलौता ऐसा महासागर है जो सम्पूर्ण महाद्वीप की सीमा बनाता है।

अंटार्कटिक महासागर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा महासागर है, इसकी औसत गहराई 3270 मीटर है और अधिकतम गहराई 7432 मीटर है जो कि दक्षिण जॉर्जिया द्वीप के दक्षिण पूर्व की तरफ दक्षिण सैंडविच खाई में पाई गई है।

महासागर से जुड़ी रोचक जानकारी

  • विश्व का सबसे बड़ा महासागर – प्रशांत महासागर 
  • विश्व का सबसे छोटा महासागर – आर्कटिक महासागर 
  • विश्व का सबसे बड़ा सागर – भू-मध्य सागर 
  • विश्व का सबसे गहरा सागर – कैरिबियन सागर
  • विश्व का सबसे बड़ा द्वीप – ग्रीनलैंड

महासागर का क्या महत्व है

महासागर यातायात के क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, कई लक्ष्य स्थान ऐसे होते हैं जहां पर सड़क के माध्यम से पहुंचने में काफी देर लग जाती है, और अगर आप सागर या महासागर के द्वारा सीधा मार्ग अपनाते हैं तो उस लक्ष्य स्थान पर जल्दी पहुंचा जा सकता है।

महासागर मानव भोजन के भंडार होते हैं, इनके अंदर बहुत ही अधिक मात्रा में मछलियां पाई जाती हैं, आज के समय में मछलियों का व्यापार काफी बड़ा है, ज्यादातर मछलियां खाने के काम आती हैं, तो कुछ मछलियों से खाद भी बनाई जाती है।

इस प्रकार की खाद में नाइट्रोजन और फॉस्फेट पर्याप्त मात्रा में रहता है, कुछ समुद्री घीसें भी बहुत ही उपयोगी होती हैं, इनसे आयोडीन तैयार किया जाता है, इनके अलावा महासागर से मछलियों का तेल, मोती, स्पंज, सील से फर आदि प्राप्त किया जा सकता है।

सागर क्या है?

दुनिया में महासागरों के मुकाबले सागर, झील और खाड़ियों की संख्या बहुत ही ज्यादा है, यह महासागर के आंशिक हिस्से होते हैं जो कि जमीन से जुड़े हुए होते हैं, सरल भाषा में कहें तो सागर महासागर के वह हिस्से होते हैं जो जमीन के संपर्क में होते हैं।

सागर की गहराई महासागर की तुलना में कम होती है, यही कारण है कि सागरों में अलग-अलग प्रकार के जीव-जंतु बहुत ही अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, अगर आप सागर के बारे में अच्छे से जानना चाहते हैं तो पहले भारत से जुड़े समुद्रों के बारे में जानना सही रहेगा।

हमारा देश भारत हिंद महासागर की सीमाओं से जुड़ा हुआ है, जैसा कि हमने आपको बताया कि महासागर (Ocean) भूमि के संपर्क में आकर सागर (Sea) बन जाते हैं, इसी वजह से भारत पूर्व की तरफ बंगाल की खाड़ी से जुड़ा हुआ है और पश्चिम में अरब सागर से जुड़ा हुआ है।

आपको बता दें कि खाड़ी (Gulf) और झीलें (Lakes) सागर के ही छोटे से रूप होते हैं, और तीन तरफ से पानी से घिरे हुए होने के कारण उन्हें खाड़ी कहते हैं, झीलें दो प्रकार की होती हैं प्राकृतिक और कृत्रिम।

दुनिया के सभी सागर के नाम

  • कैरेबियन सागर – Caribbean Sea 
  • भूमध्य सागर – Mediterranean Sea 
  • काला सागर – Black Sea
  • मृत सागर – Dead Sea
  • दक्षिणी चीन – सागर South China Sea 
  • बेरिंग सागर – Bering Sea
  • कैस्पियन सागर – Caspian Sea 
  • लाल सागर – Red Sea
  • पीला सागर – Yellow Sea
  • अरब सागर – Arabian Sea 
  • कोरल सागर – Koral Sea
  • अराफुरा सागर – Arafura Sea 
  • सेलेब्स सागर – Celebes Sea
  • पूर्वी चीन सागर – East China Sea 
  • जापान सागर – Japan Sea
  • फिलीपीन सागर – Philippine Sea 
  • मरमरा सागर – Marmara Sea 
  • तस्मान सागर – Tasman Sea
  • सफेद सागर – White Sea
  • ग्रीनलैंड सागर – Greenland Sea
  • बोथनिया की खाड़ी – Gulf Of Bothnia 
  • कारा सागर – Kara Sea
  • बैरेंट्स सागर – Barents Sea
  • ब्यूफोर्ट सागर – Beaufort Sea 
  • बिस्के की खाड़ी – Bay Of Biscay
  • अलास्का की खाड़ी – Gulf Of Alaska 
  • बंगाल की खाड़ी – Bay Of Bengal
  • मैक्सिको की खाड़ी – Gulf Of Mexico
  • फारस की खाड़ी – Persian Gulf 
  • हडसन की खाड़ी – Hudson Way
  • बाल्टिक सागर – Baltic Sea 
  • चुकची सागर – Chukchi Sea 
  • स्कोशिया सागर – Scotia Sea
  • स्यूज सागर – Suez Sea
  • उत्तरी सागर – North Sea
  • लैब्राडोर सागर – Labrador Sea
  • बैफिन की खाड़ी – Bay Of Baffin 
  • ओमान की खाड़ी – Gulf Of Oman
  • अदन की खाड़ी – Gulf Of Aden
  • एड्रिएटिक सागर – Adriatic Sea
  • लॉरेंस की खाड़ी – Gulf Of Lawrence 
  • गिनी की खाड़ी – Gulf of Guinea
  • लाप्टेव सागर – Laptev Sea
  • ओखोट्स सागर – Sea Of Okhotsk
  • जावा सागर – Java Sea
  • अंडमान सागर – Andaman Sea 
  • फ्लोरेस सागर – Flores Sea
  • तिमोर सागर – Timor Sea
  • पूर्वी साइबेरियन सागर – East Siberian Sea
  • अरल सागर – Aral Sea 
  • सारगैसो सागर – Sargasso Sea
  • अजोव सागर – Sea Of Azov 
  • ईजियन सागर – Aegean Sea 
  • सुएज की खाड़ी – Gulf Of Suez

FAQs: दुनिया में कौन कौन से महासागर हैं

विश्व में महासागर और महाद्वीप कितने हैं?

धरती को सात महाद्वीपों में बांटा गया है, एशिया, अफ्रीका, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, इसी तरह पांच महासागर हैं, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर और दक्षिणी महासागर।

भारत में कुल कितने सागर हैं?

भारत को तीन तरफ से सागर घेरे हुए हैं, भारत के पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर और दक्षिण में हिंद महासागर है।

विश्व में पांच महासागर के क्या नाम हैं?

प्रशांत महासागर (Pacific Ocean)
हिंद महासागर (Indian Ocean)
अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean)
आर्कटिक महासागर (Arctic Ocean)
दक्षिणी महासागर (Antarctic Ocean)

समुद्र और महासागर में क्या अंतर होता है?

समुद्र या सागर महासागर का ही हिस्सा होता है, यह आंशिक रूप से जमीन से जुड़ा हुआ होता है, पृथ्वी के पास एक विशाल जल निकाय जहां नदियां अपना पानी खाली करती हैं, उसे ही समुद्र कहते हैं, वहीं महासागर समग्र लवण जलराशि है जो पृथ्वी के तीन चौथाई भाग पर फैला हुआ है।

सागर और झील में क्या अंतर होता है?

आमतौर पर झील छोटी होती हैं दो चार किलोमीटर लंबी लेकिन कुछ झील बहुत ही गहरी होती हैं, लेकिन सागर बहुत ही बड़ा, चौड़ा, गहरा होता है जो अपने अंदर अपार पानी समाये रखता है, झील प्राकृतिक और कृत्रिम हो सकती हैं लेकिन सागर सिर्फ प्राकृतिक ही होता है।

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आज अपने क्या सीखा?

तो दोस्तों कैसा लगा आपको हमारा यह आर्टिकल, इस आर्टिकल के जरिए हमने जाना कि Mahasagar Ke Naam / विश्व के सभी महासागरों के नाम / दुनिया में कुल कितने महासागर हैं, इस आर्टिकल में हमने आपको सभी महासागरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की है।

हमारी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि हम आपको जो जानकारी प्रदान करें उससे आपको कुछ वैल्यू जरूर मिले, ताकि आपको और कहीं से जानकारी हासिल करने की आवश्यकता न पड़े, अगर आपको इस आर्टिकल में कुछ भी समझ नहीं आया है, 

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