Credit Meaning In Hindi – क्रेडिट कार्ड क्या होता है, क्रेडिट का मतलब क्या होता है

दोस्तों कैसे हैं आप सब, इस आर्टिकल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है, दोस्तों आपने क्रेडिट कार्ड या डेबिट वर्ड कई बार सुना होगा, आपके भी मन में यह सवाल आया होगा कि आखिर क्रेडिट का मतलब क्या होता है (Credit Card Meaning in Hindi), क्रेडिट को हिंदी में क्या कहते हैं, और अलग-अलग क्षेत्रों में क्रेडिट वर्ड को कैसे इस्तेमाल किया जाता है?

जैसे कि बैंक वाले क्रेडिट का अलग मतलब होता है, क्रेडिट कार्ड का हिंदी Meaning कुछ अलग क्रेडिट होता है, और क्रेडिट संज्ञा का मतलब एक अलग क्रेडिट होता है, यह समझने में आपको थोड़ी सी उलझन हो सकती है, लेकिन आपको बता दूं कि अकाउंट की भाषा में क्रेडिट को बहुत ही डिटेल में डिफाइन किया गया है, आज हम इस आर्टिकल में आपको क्रेडिट के बारे में पूरी इंफॉर्मेशन देंगे और यह गारंटी देता हूँ कि यह आर्टिकल पूरा पढ़ने के बाद आपके मन में क्रेडिट से जुड़ा कोई भी और सवाल नहीं बचेगा।

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Credit Meaning in Hindi

दोस्तों क्रेडिट अपने आप में एक पूरी अकाउंट है, अकाउंटेंसी की भाषा में क्रेडिट का अलग-अलग प्रकार से अलग-अलग मतलब होता है, अकाउंट में यह समझाया गया है, कि हमें कहां क्रेडिट और कहा डेबिट का इस्तेमाल करना है, आपने यह दोनों वर्ड अपने आप जिंदगी में कई बार सुने होंगे।

आइए दोस्तों अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से क्रेडिट शब्द का मतलब समझ लेते हैं, और देख लेते हैं कि बैंक में प्रयोग होने वाला क्रेडिट क्या होता है? और उधारी वाला क्रेडिट क्या होता है? इसी के साथ साथ हम अकाउंट में प्रयोग होने वाले क्रेडिट को भी देखेंगे और जानेंगे कि कहां पर डेबिट यूज करना है, और कहां पर क्रेडिट यूज करना है।

Credit Meaning in Bank

दोस्तों जब आपके अकाउंट में पैसे आते हैं तो अकाउंट क्रेडिट होता है, यानी कि जब आप अपनी पासबुक में क्रेडिट वाला कॉलम देखेंगे, तो इसका मतलब है कि उस कॉलम में दिखाए गए सारे पैसे आपके अकाउंट में आये हैं, यहां पर कई लोगों का सवाल होता है कि बैंक में आए पैसे को क्रेडिट ही क्यों कहा जाता है, डेबिट या कुछ और क्यों नहीं कहा जाता, तो दोस्तों आपको बता दूं कि यह सब बिजनेस की भाषा अकाउंटेंसी का खेल है, आगे जब आपको अकाउंटेंसी वाला क्रेडिट समझाउंगा तो यह आपको ज्यादा सही से समझ आएगा, लेकिन इतना समझ लीजिए कि बैंक में क्रेडिट का मतलब जमा पैसा होता है, और बैंक के लिए यह जमा नहीं होता, यह हमारे लिए जमा होता है, बैंक के लिए लायबिलिटी होती है, और लायबिलिटी यानि की उधार और लायबिलिटी को हमेशा क्रेडिट में रखा जाता है, इसलिए इसे उधार वाला क्रेडिट भी कह सकते है।

Credit Card Kya Hota Hai?

आपने Credit कार्ड का नाम कई बार सुना होगा, और आपके दिमाग में हर बार से यह सवाल आया होगा कि आखिर एटीएम क्रेडिट या डेबिट कैसे होता है, कई लोगों के पास डेबिट कार्ड होता है, तो कई लोगों के पास क्रेडिट कार्ड होता है, आपने यह जरूर सोचा होगा कि इन दोनों का मतलब क्या होता है।

यहां पर क्रेडिट को लायबिलिटी या उधार वाला क्रेडिट मानकर इस कार्ड का नाम Credit Card रखा गया है, यहां पर क्रेडिट कार्ड का मतलब यह होता है कि आपके अकाउंट में जितना पैसा है, आप उससे ज्यादा पैसा अकाउंट से निकलवा सकते हैं, जब आप ज्यादा पैसा अकाउंट से निकाल पाते हैं तो इसका मतलब है कि आपने पैसा बैंक से उधार लिया है, इसलिए यह उधारी वाला क्रेडिट ही होता है, इसलिए इस कार्ड को क्रेडिट कार्ड कहते हैं, जब आप बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं तो बैंक आपको कुछ क्रेडिट लिमिट देता है, क्रेडिट लिमिट का मतलब होता है कि जितनी क्रेडिट लिमिट है, उतने पैसे तक कोई इंसान बैंक से उधार ले सकता है।

दोस्तों क्रेडिट लिमिट बैंक क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले की औकात के हिसाब से सेट करता है, यानी कि अगर बंदे का कोई बड़ा बिजनेस है और लाखों में ट्रांजैक्शन हो रही है तो क्रेडिट कार्ड भी लाखों रुपयों का बनेगा, और इसके लिमिट भी बहुत ज्यादा होगी, लेकिन आप 10,000 से लेकर 20 लाख तक की क्रेडिट लिमिट आसानी से पा सकते हैं, यह डिपेंड करता है कि आप की कितनी वैल्यू है और आपके बिजनेस के वैल्यूएशन क्या है।

यह क्रेडिट लिमिट आप के मंथली होने वाली ट्रांजैक्शंस पर भी डिपेंड करती है, जो लोग ज्यादा ट्रांजैक्शंस करते हैं उनकी क्रेडिट लिमिट भी बैंक बढ़ा देता है, क्योंकि बैंक को पता होता है कि अधिक ट्रांजैक्शन मतलब बंदा अमीर है, और इसीलिए अधिक ट्रांजैक्शन करने वालों की क्रेडिट लिमिट ज्यादातर अधिक ही होती है।

Credit Meaning in Accounts

दोस्तों अकाउंट की भाषा के गोल्डन रूल्स में क्रेडिट को तीन प्रकार से डिफाइन किया गया है, पहला “क्रेडिट दा गिवर” दूसरा “क्रेडिट व्हाट्स गोज आउट” तीसरा “क्रेडिट ऑल इनकम एंड गेन” आइए दोस्तों यह भी समझ लेते हैं और जान लेते हैं कि अकाउंट हमें क्रेडिट के बारे में क्या समझाना चाहता है।

Credit The Giver ( क्रेडिट दा गिवर )

दोस्तों क्रेडिट द गिवर का मतलब है कि जो देने वाला है उसे क्रेडिट करना है, दोस्तों देने वाले का मतलब यहां पर होता है कि जो माल अपने पास से भेज रहा है जैसा कि हमने आपको बताया कि क्रेडिट और डेबिट का यह नियम अकाउंटेंसी द्वारा बताया गया है जो कि बिजनेस के लिए होता है, अगर संक्षेप में बात करें तो यहां पर बिजनेस की लेनदेन की बात की जा रही है, जब आप बिजनेस में किसी माल पर काम करते हैं तो मॉल की आवाजाही बनी ही रहती है, कई बार आप सामान को खरीदते हैं और बहुत बार सामान को बेचते हैं, जब आप सामान को खरीदते हैं तो आप रिसीवर होते हैं, और सामने वाला गिवर होता है, गिवर को क्रेडिट किया जाता है, इसलिए क्रेडिटर भी कहा जाता है, यानी कि जो क्रेडिट होता है वह सामान देने वाला होता है, इसी तरह से अगर आप सामान बेचते हैं तो आप समान सामने वाले को देते हैं, आप देने वाले हैं इसलिए आप खुद क्रेडिट करेंगे।

दोस्तों एक बार फिर से बता दूं कि यह सब आपको तभी समझ आएगा जब आप अकाउंट फील्ड से हैं, या सीए वगैरह की तैयारी कर रहे हैं, अगर आपका अकाउंटेंसी में कोई इंटरेस्ट नहीं है तो आपको यह बातें बेतूकि सी लगेंगी।

Credit Whats Goes Out ( क्रेडिट व्हाट्स गोज आउट )

दोस्तों क्रेडिट व्हाट्स गोज आउट का मतलब है कि जो चीज हमारे पास से जा रही है उसको क्रेडिट करना है, यहां पर यह नियम होता है कि बिजनेस से बाहर जा रही चीज को क्रेडिट करते हैं और अंदर आ रही चीज को डेबिट करते हैं, यह नकदी के रूप में नियम सही बैठता है, अगर पैसा बिजनेस से जा रहा है तो हम क्रेडिट करेंगे और अगर बिजनेस में आ रहा है तो हम डेबिट करेंगे।

दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर सामान की आवाजाही के रूप में क्रेडिट का प्रयोग समझाया था, उसी प्रकार समझ लीजिए कि जब हम माल को बेचते हैं, तो माल हमारे पास से जाता है, सामने वाले के पास माल आ रहा है इसलिए सामने वाला अपने अकाउंट में माल को डेबिट करेगा और वह हमें माल के बदले पैसे देगा इसलिए वह पैसों को क्रेडिट करेगा, अभी उसकी अकाउंट की बुक में पैसे जा रहे हैं, इसलिए क्रेडिट हो रहे हैं, यहां पर यह नियम सही बैठता है कि जो जा रहा है, उसे क्रेडिट करना है, इसी प्रकार से जब आप किसी को माल बेचते हैं, तो माल को क्रेडिट करेंगे, और पैसे को डेबिट करेंगे क्योकि पैसे आ रहे हैं, सामान को क्रेडिट करेंगे क्योकि माल जा रहा है, पैसे आ रहे है इसलिए डेबिट कर रहे हैं।

Credit All Income & Gains ( क्रेडिट ऑल इनकम एंड गेन)

दोस्तों अगर कोई आमदनी हुई है तो पैसा आता है, इसलिए आए हुए पैसे को डेबिट करेंगे और आमदनी वाले अकाउंट को क्रेडिट करेंगे क्योंकि वह हमारी इनकम है, और बिजनेस के लिए फायदा है, इसलिए सभी प्रकार की कमाई और प्राप्तियों को क्रेडिट किया जाता है, ध्यान रखें कि इन कमाई के रूप में आने वाले पैसों को तो डेबिट करेंगे और कमाई के अकाउंट को क्रेडिट करेंगे, दोस्तों मान लीजिए कि आपको किराए के रूप में ₹10000 की आमदनी हुई है, अब ₹10000 को हम अपने अकाउंट में डेबिट करेंगे क्योंकि यह हमारी कमाई है, और “किराए” के नाम से एक अलग अकाउंट बनाएंगे और हम किराए के अकाउंट को क्रेडिट करेंगे।

इसलिए यह कहा गया है कि सभी प्रकार की कमाई या फायदे को हमेशा क्रेडिट किया जाता है।

दोस्तों अकाउंट का यह नियम पढ़ने के बाद आपको यह भी समझ आ गया होगा कि बैंक मैं जमा करवाएं पैसे को हम क्रेडिट क्यों कहते हैं, दोस्तों जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि लायबिलिटी क्रेडिट होती है, क्रेडिट का मतलब उधार होता है, और बैंक में हम जो पैसा जमा करवाते हैं वह बैंक का नहीं होता वह पैसा हमारा होता है, हम कभी भी बैंक से निकलवा सकते हैं।

इस पैसे पर सारी जवाबदेही बैंक की होती है, इसलिए यह पैसा बैंक के लिए एक लायबिलिटी होता है, और इसलिए बैंक अपने अकाउंट बुक में इस पैसे को क्रेडिट साइड रखता है, इसलिए आप बैंक में जो पैसा जमा करवाएंगे वह अकाउंट में क्रेडिट होगा, और जब निकालेंगे तो बैंक की लायबिलिटी कम होती है इसलिए बैंक इसको डेबिट रखेगा, इसलिए आपने ध्यान दिया होगा कि जब पैसे निकालते हैं तो डेबिटेड आता है, और जमा करवाने पर क्रेडिट आता है, आपके पास अकाउंट में पैसे आने पर जो मैसेज आता है उसमें लिखा होता है कि योर अकाउंट क्रीटेड विद और बाद में पैसे लिखे जाते हैं, यानी कि आपका अकाउंट इतने पैसों से क्रेडिट हुआ है।

क्रेडिट को उधार भी कहते हैं

दोस्तों क्रेडिट को अक्सर उधार के साथ जोड़ कर भी देखा जाता है, क्रेडिट कार्ड से आप पैसे उधार लेते हैं, इसलिए उसका नाम क्रेडिट कार्ड है, अगर आपने किसी बंदे से पैसे उधार लिए हैं, तो आप उस बंदे को क्रेडिट करेंगे, यह मल्टीपल नियम की वजह से भी हो सकता है, क्योंकि वह देने वाला है इसलिए भी क्रेडिट करेंगे और वह हमसे पैसे मांगता है यानी कि हमारा क्रेडिटर है इसलिए भी हम उसको क्रेडिट में रखेंगे, जब आप दुकान से सामान उधार लेकर आते हैं, तो आप यह कहेंगे कि हम सामान क्रेडिट पर लेकर आये हैं जब आप यह कहते हैं कि हम सामान क्रेडिट पर लेकर आए हैं ना कि उधार पर तो यह अधिक फॉर्मल लगता है और बिजनेस में ऐसी भाषा का ही प्रयोग किया जाता है।

क्रेडिट का हिंदी अर्थ क्या है वीडियो में देखे –

FAQs:

क्रेडिट को हिंदी में क्या कहते?

क्रेडिट का काफी सरे हिंदी अर्थ होता है जैसे की बैंक के हिसाब से अलग अर्थ है और क्रेडिट का अर्थ श्रेय भी होता है। बैंक में जो क्रेडिट होता है उसको उधार कहते है साथ ही जब आपके बैंक अकाउंट में जिसे जमा होता है उसको भी क्रेडिट कहते है।

क्रेडिट कार्ड का क्या मतलब है?

क्रेडिट कार्ड एक ऐसा कार्ड है जिसको आप उधार देने वाला कार्ड भी कहे साथै हो। मतलब बैंक जो क्रेडिट कार्ड आपको देते है उस कार्ड में कुछ पैसा होता है जो बैंक आपको उधर देता है और उस पैसे को आप अपने हिसाब से खर्च कर सकते हो। बादमे एक टाइम होता है उसी टाइम में आपको उस क्रेडिट कार्ड का पैसा जो अपने उधर लिया था उसको जमा करना होता है। इसके लिए आपको कुछ कर्ज भी पे करना होता है क्युकी आजके समय में कुछ भी फ्री नहीं है।

क्या क्रेडिट कार्ड से कैश निकाल सकते है?

जी है आप क्रेडिट कार्ड से कैश निकाल सकते हो, लेकिन उसके लिए आपको भारी भरकम ब्याज देना होता है। मेरे हिसाब से क्रेडिट कार्ड से पैसे नहीं निकाले तो बेहतर है।

क्रेडिट कार्ड से क्या लाभ होता है?

जी होता है, जैसे की अगर आपको ऑनलाइन कुछ खरीदना है और आपके पास पैसा नहीं है तो आप क्रेडिट कार्ड से कुछ भी खरीद सकते है बाद में आप क्रेडिट कार्ड को पेमेंट करना होगा, लेकिन अगर आप बहुत ज्यादा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते है तो आपको rewards मिलता है जो एक फायदा है। बाकि क्रेडिट कार्ड में बहुत offers मिलता है जो काफी अच्छा है जो लोग ऑनलाइन shopping करते है उन लोगो के लिये।

क्रेडिट कार्ड के लिए कितनी सैलरी होनी चाहिए?

कोई लिमिट नहीं है, यदि आपका बैंक में अच्छा लेन देन होता है तो आपको क्रेडिट कार्ड मिल जायेगा। बाकि अगर आप Job करते है तो और भी आसानी से मिल जायेगा।

सबसे अच्छा क्रेडिट कार्ड कौन सा है

काफी सरे क्रेडिट कार्ड कंपनी है उनमे से बेस्ट है SBI CARD, AXIS, ICICI etc. इनमे offers अच्छा मिलता है ऑनलाइन shopping में।

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आज हमने क्या सीखा?

दोस्तों इस आर्टिकल में हमने क्रेडिट को लेकर विस्तार से चर्चा की है, आशा करूंगा कि आपको क्रेडिट का मतलब (Credit Meaning in Hindi) समझ आ गया होगा, यहां पर हमने क्रेडिट कार्ड बैंक क्रेडिट और अकाउंटेंसी वाले क्रेडिट के बारे में जानकारी हासिल की है, अगर आपको कुछ भी और पूछना है या आपका कोई सवाल रह गया है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं, तुरंत रिप्लाई दे कर आपकी समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे, आशा करूंगा आपको आर्टिकल समझ आया होगा और आप इसे अपने निजी साथियों के साथ अवश्य शेयर करेंगे, मिलते हैं किसी आगामी आर्टिकल में नए टोपीक के साथ।

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मेरा नाम परवेज है, में एक फुल टाइम ब्लॉगर हु। मुझे लिखना और पढ़ना पसंद है साथ ही लोगो की मदद करना भी पसंद है। यदि आपको हिंदी में ब्लॉग पड़ना पसंद है तो यह ब्लॉग आपके लिए काफी मजेदार हो सकता है...

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